विश्व में तेल की कीमतें सुनामी जैसी तेजी से बढ़ रही थीं और ठीक उसी समय, 26 मार्च 2026 की एक शांत रात को सरकार ने दहाड़ लगा दी। वित्त मंत्रालय ने अचानक एक अधिसूचना जारी की जिससे पेट्रोल पर सेंट्रल एक्साइज़ ड्यूटी मात्र 3 रुपये प्रति लीटर कर दी गई, जबकि डीजल पर पूरी तरह से कर मिटा दिया गया। यह कोई आम करार नहीं था; यह सीधे यूएस-इरान युद्ध के कारण हुए तेल संकटनई दिल्ली की झोंकों को रोकने के लिए लिया गया कदम था।
युद्ध का असर और तेल की कीमतें
आखिर मामला क्या था? पिछले एक महीने में वैश्विक बाजार में एक अजीबोगरीब स्थिति बन गई थी। क्रूड ऑयल की कीमत, जो पहले 70 डॉलर प्रति बैरल थी, अब 122 डॉलर के आसपास छू गई थी। ऐसी स्थिति में देश में ईंधन महंगा होना पक्का था। लेकिन यहाँ बात यह है कि सरकार चाहती थी कि पंप पर कीमतें नहीं बढ़ें। निर्मला सीतारामन, केंद्रीय वित्त मंत्री ने अपने सोशल मीडिया बयान में साफ़ कहा कि यह कदम उपभोक्ताओं को कीमतों के उतार-चढ़ाव से बचाने के लिए है। वे जानती थीं कि अगर घाव बंद नहीं हुआ, तो आम आदमी की थाली खाली पड़ सकती है। इसलिए, 26 मार्च की रात हुई इस घोषणा का असर तुरंत लागू हो गया, भले ही हम शोर सुन पाएं या नहीं।
सरकारी योजना का असली गणित
दूसरी तरफ, पीएम ने बताया कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) पर काफी बोझ था। उन्होंने खुलासा किया कि पहले पेट्रोल पर कर 13 रुपये थे, जिसे घटाकर 3 रुपये कर दिया गया है। डीजल पर जो 10 रुपये का कर था, वह अब शून्य हो गया। कुल मिलाकर 10 रुपये प्रति लीटर की राहत मिली। लेकिन, पंप पर कीमतें क्यों नहीं गिरीं? क्योंकि कंपनियां पहले से ही घाटे में चल रही थीं। पीएनजी माइनस्ट्री के अधिकारी हरदीप सिंह पुरी के मुताबिक, पेट्रोल बेचने पर 24 रुपये और डीजल पर 30 रुपये का नुकसान हो रहा था। सरकार ने कर कटौती से इन कंपनियों को राहत दी ताकि उन्हें अपनी खुद की जेब नहीं चीरनी पड़े। यानी, टैक्स कटोरा तो कम हुआ, पर मौजूदा भाव वहीं बने रहे जहाँ 27 मार्च को थे।
- नई दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर
- डीजल की कीमत 87.67 रुपये प्रति लीटर
- राज्यों ने भी अपना हिस्सा बरकरार रखा
- रिस्क मैनेजमेंट के लिए निर्यात पर कर लगाया गया
कंपनियों की स्थिति और खासियत
सर्किल में सवाल यह उठा था कि निजी कंपनियां क्या करेंगी? यहाँ दो रास्ते देखने को मिले। एक तरफ सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), बीपीसीएल और एचपीसीएल ने कीमतें स्थिर रखीं। इनका बाजार का हिस्सा लगभग 90% है। दूसरी तरफ, नायारा एनर्जी ने फुलरॉवर दिखाया। उन्होंने पेट्रोल की कीमत 5 रुपये बढ़ा दी, अब यह 100.71 रुपये हो गया है। वहीं दूसरी ओर, रिलायंस और बीपी का जोड़ बना Jio-bp ने कीमत नहीं बढ़ाई, भले ही उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ रहा हो। यह दिखाता है कि बाजार में नियम एक ही नहीं हैं। कुछ स्टेटिक हैं, कुछ फ्लेक्सिबल। रिजर्व बैंक या आंकड़ों के अनुसार, अगर क्रूड औसतन 100-105 डॉलर पर रहा, तो रिटेलर्स को 11-14 रुपये तक का घाटा उठाना पड़ सकता था। सरकार ने अभी इसे रोका है, पर आगामी दिनों में देखना बाकी है。
आगे क्या होने वाला है
क्या यह राहत स्थायी है? शायद नहीं। यह एक तत्कालीन प्राथमिकता थी। पश्चिम एशिया की स्थिति में अगर शांति बनी रही, तो फिर से सामान्य तरीका शुरू हो सकता है। सरकार ने यह भी ध्यान रखा है कि निर्यात पर भी कर लगाया जाए। डीजल पर 21.5 रुपये और एटीएफ (ATF) पर 29.5 रुपये का कर है ताकि देश में कमी न हो। यह फैसला सिर्फ अंकगणित नहीं, एक राजनीतिक संकेत भी था। 2022 मई से ईंधन की कीमतें स्थिर थीं, अब उस स्थिरता को बचाए रखना महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञ कह रहे हैं कि यह नीति संतुलन बिगाड़ सकती है या बचा सकती है, यह सब विश्व स्थिति पर निर्भर है। आम आदमी के लिए चिंता की बात यही है कि अगर तेल की वैश्विक कीमत 122 से ऊपर गई, तो सरकार क्या करेगी? अभी तो यह कदम एक ढाल का काम कर रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या पंप पर पेट्रोल और डीजल सस्ते होंगे?
नहीं, वर्तमान में पंप पर कीमतें बदली नहीं हैं। कर कटौती का मुख्य उद्देश्य कंपनियों के नुकसान को कम करना है, ताकि वे भविष्य में कीमतें बढ़ा सकें बिना उनका बोझ उपभोक्ता पर पड़ा।
यूएस-इरान युद्ध का इससे क्या संबंध है?
इस संघर्ष ने वैश्विक क्रूड तेल की कीमतों को 70 डॉलर से बढ़ाकर 122 डॉलर प्रति बैरल कर दिया था। भारत को इस महंगाई का प्रभाव रोकने के लिए ही कर में कटौती करनी पड़ी।
निजी पेट्रोल पंप क्या करते हैं?
राज्य की कंपनियों ने भाव स्थिर रखा, लेकिन नायारा एनर्जी जैसे निजी विक्रेताओं ने कीमतें बढ़ा दी हैं। जियो-बीपी ने अभी तक मूल्य नहीं बढ़ाए हैं।
क्या यह कर कटौती हमेशा के लिए है?
यह तत्कालीन राहत है। भविष्य में अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य और राजकोषीय आवश्यकताओं के आधार पर सरकार इसे पुनः समीक्षा कर सकती है।