Varun Chakaravarthy ने हाल ही में ICC रैंकिंग में पहले स्थान पर पहुँचकर भारतीय स्पिनर के लिये नया मानक स्थापित किया है। 20 T20I मैचों में उसने 35 विकेट लिए, औसत 14.54 और इकोनोमी 6.83 रखी। इसी अवधि में Sri Lanka के Wanindu Hasaranga ने 28 विकेट, औसत 15.64 और इकोनोमी 6.77 हासिल किया। दोनों के आँकड़ों को करीब से देखते हैं तो कौन है असली मैच‑विनर?
विकेट‑गिनती और बेस्ट परफॉर्मेंस
Varun ने इंग्लैंड के खिलाफ सिर्फ 5 मैचों में 14 विकेट लिए, औसत 9.85 के साथ। उसके बाद साउथ अफ्रीका के खिलाफ 4 मैचों में 12 विकेट, जबकि उसकी इकोनोमी थोड़ी ऊँची 11.50 रही। दो बार उसने पाँच विकेट की खिल्ली भी चोरी की, जो बताती है कि वह दबाव में कैसे गेम बदल सकता है।
Hasaranga की बेस्ट परफॉर्मेंस वेस्टइंडीज़ के खिलाफ 9 विकेट और पाकिस्तान के खिलाफ 8 विकेट रही, दोनों में औसत 8.33 और 9.87 था। लेकिन अभी तक उसने T20I में पाँच‑विकेट की हीरोइक स्पेल नहीं बनाई है, जो उसके आँकड़ों में थोड़ा अंतर बनाता है।
इकोनोमी और टीम की जीत में योगदान
इकोनोमी की बात करें तो दोनों बॉलर बहुत ही किफ़ायती रहे हैं। Varun का 6.83 और Hasaranga का 6.77 दो अंक के अंतर में दिखता है, पर दोनों ही विरोधी टीम को स्कोर पर कंट्रोल करने में सफल रहे।
टीम जीत की बात आई तो यहाँ Varun का आंकड़ा स्पष्ट है। उसने भारत की 14 जीत में 24 विकेट लिए, औसत 15.79 के साथ। इसका मतलब है कि जब भारत जीतता है तो Varun अक्सर प्रमुख भूमिका निभाता है। दूसरी ओर, Hasaranga की Sri Lanka की केवल 5 जीत में भागीदारी है, जो टीम के समग्र प्रदर्शन को भी दर्शाती है।
ICC रैंकिंग में Varun ने 733 अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया, जिससे वह Jacob Duffy (717 अंक) को पीछे छोड़ गया। यह पहला भारतीय स्पिनर नहीं है जो इस स्तर पर पहुँचा है, पर हालिया शीर्ष‑स्थान इसे और खास बनाता है।
दोनों स्पिनर अब अपनी-अपनी टीमों के लिए अनिवार्य घटक बन चुके हैं। Varun की तेज़ विकेट‑गिनती और महत्त्वपूर्ण जीत में योगदान उसे थोड़ा आगे रखता है, जबकि Hasaranga का शानदार इकोनोमी उसे लगातार दबाव डालने वाला रखता है। आगे के मौसम में इस प्रतिस्पर्धा के कौन‑से नए आँकड़े सामने आएँगे, यह देखना रोचक रहेगा।
Amrinder Kahlon
सितंबर 24, 2025 AT 18:39Varun को ICC रैंकिंग में पहला पॉइंट दिलाने के बाद लगता है अब सभी को इंटीरियर डेकोरेशन की जरूरत नहीं रहेगी, क्योंकि वो खुद ही खेल को सजाते हैं। उनका रेकॉर्ड देख कर ये कहना बकवास नहीं होगा कि कोई भी बैट्समैन उनके आगे टिक नहीं सकता, चाहे कोई भी कहे।
Abhay patil
सितंबर 30, 2025 AT 21:53Varun की ऊर्जा और डेडिकेशन को देख कर दिल खुश हो जाता है! ये सिर्फ आंकड़े नहीं हैं, ये टीम के जीतने का पावर पैक है। ऐसे खिलाड़ी हर टीम को प्रेरित करते हैं और मैच में रोमांच लाते हैं
Neha xo
अक्तूबर 7, 2025 AT 01:06हर स्पिनर की ताकत अलग‑अलग होती है, Varun की फॉर्म स्पीड में है और Hasaranga की इकोनोमी में। दोनों को देख कर खेल का रहस्य समझना आसान हो जाता है, दोनों ही अपने‑अपने तरीके से मैच जीताते हैं
Rahul Jha
अक्तूबर 13, 2025 AT 04:20देखो भाई Varun की औसत 14.54 है और इकोनोमी 6.83 😎 ये नंबर खुद में कहानी कहते हैं 👍 Hasaranga भी बेकार नहीं पर Varun की फाइव‑विकेट स्पेल अभी नहीं आया तो आगे देखना बाकी है 😂
Gauri Sheth
अक्तूबर 19, 2025 AT 07:33कभी कभी सोचना पड़ता है कि ये खेल सिर्फ रन बनाकर ही नहीं जलता, इसमें एनरिच्ड वैल्यु भी चाहिए। Varun के हाई इम्पैक्ट स्पेल तो जैसे बाइबल में लिखी कोई मिसाल है, जबकि Hasaranga का कंट्रोल भी कम नहीं, पर आजकल की टीम्स को फैंटसी की जरूरत है न! इसलिये मैं कहूँगी कि स्पिनर को सिर्फ विकेट नहीं, बल्कि *इन्स्पिरेशन* देना चाहिए।
om biswas
अक्तूबर 25, 2025 AT 10:46ये सब किस्मत की बात नहीं है, ये तो भारत की पीढ़ी का अभिमान है कि हमारे पास Varun जैसा बॉलर है जो विदेशियों को भी डॉमिनेट कर रहा है। स्रि लंका को भी अब इनडिया का शत्रु मानना पड़ेगा, वरना फिर ये छोरियां अपने बरतेले से नहीं बच पाएंगी।
sumi vinay
अक्तूबर 31, 2025 AT 13:00Varun की जीत की कहानियां सुन कर मैं तो यही कहूँगी कि हर बार जब वह गेंद फेंकेगा तो सबको हँसी आएगी और टीम को नई उम्मीद मिलेगी। उसकी स्ट्राइक्स एनीज्ड होने के साथ साथ उसके मैसेज भी एनीमैटेड होते हैं, जो देखे बिना नहीं रह पाते! 🙌
Anjali Das
नवंबर 6, 2025 AT 16:13सिर्फ आँकड़े नहीं, भावना भी देखो।
Dipti Namjoshi
नवंबर 12, 2025 AT 19:26खेल की सुंदरता केवल आँकड़ों में नहीं छिपी, बल्कि प्रत्येक बॉलर की यात्रा में बसी है। Varun का तेज़ी से विकेट लेना एक दर्शनीय कला है, पर यह भी देखना चाहिए कि वह कब अपनी गति को नियंत्रित कर शॉर्टफ़ॉर्म में उतारता है, जिससे बॉल का ट्रैक्शन बदलता है। इससे प्रतिद्वंद्वी बैट्समैन को काउंटर करने की आवश्यकता नहीं पड़ती, और टीम की मनोवैज्ञानिक स्थिति मजबूत होती है। दूसरी ओर, Hasaranga की इकोनोमी कम होने का मतलब है कि वह हर ओवर में दबाव बनाता है, जो टॉप-ऑर्डर बैट्समैन को असहज कर देता है। दोनों बॉलर के अलग‑अलग स्टाइल का मिश्रण टीम को खेल के कई पहलुओं में संतुलन देता है। जब Varun तेज़ी से विकेट लेता है, तो वह बॉल को पंचर की तरह टॉस करता है, जिससे बाउंस की सटीकता बढ़ती है। Hasarगा की सटीक लॉन्ग-ऑफ़ सेटअप बॉल को रिदमिक बनाता है और रन फ्लो को रोकता है। इस प्रकार, दोनों के बीच प्रतिस्पर्धा दर्शकों के लिए रोमांचक बनती है, क्योंकि प्रत्येक ओवर नई कहानी लेकर आता है। हमारे सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी देखें तो Varun की जीत हमारे युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा देती है, जबकि Hasaranga की दृढ़ता हमारे अंतरराष्ट्रीय खेल में धैर्य की सीख देती है। अंततः, दोनो बॉलर को किनारे नहीं रख सकते; दोनों को साथ लेकर चलना ही खेल की असली भावना है।