तलाक: सरल भाषा में क्या करना चाहिए और क्यों

तलाक मुश्किल समय होता है। अगर आप सोच रहे हैं कि पहला कदम क्या होना चाहिए, तो शांत रहकर जानकारी इकट्ठा करना सबसे ज़रूरी है। नीचे मैंने सरल तरीके से बताने की कोशिश की है कि कौन-सी कानून लागू हैं, जरूरी दस्तावेज क्या चाहिए और प्रक्रिया में किन बातों का ध्यान रखें।

कौन-कौन सी कानूनी धाराएँ लागू होती हैं?

भारत में तलाक अलग-गणित नहीं है—धर्म और विवाह के प्रकार के हिसाब से अलग कानून होते हैं। हिंदू जोड़ों पर Hindu Marriage Act लागू होता है, जिसमें म्यूचुअल कंसेंट (Section 13-B) और कंटेस्टेड grounds (जैसे क्रूरता, व्यभिचार, सन्यास आदि) शामिल हैं। जोड़ों ने Special Marriage Act से शादी की हो तो वही नियम लागू होंगे। मुस्लिम कानूनों में तलाक, खुला आदि अलग प्रावधान हैं—हालाँकि तुंरत तीन-नारे (instant triple talaq) अब वैध नहीं माना जाता। एक वकील बताएगा कि आपके केस पर कौन-सा एक्ट लागू होगा।

तलाक की प्रक्रिया — कदम दर कदम

1) पहले बात: वैयक्तिक और कानूनी सलाह लें। क्या समझौता संभव है? क्या बच्चों की बड़ी चिंता है? ये साफ करें।

2) वकील से मिलें: अनुभव वाले परिवारिक वकील से केस का प्रारूप समझें। म्यूचुअल कंसेंट हो तो समय और खर्च कम होता है।

3) दस्तावेज तैयार करें: नीचे सूची मदद करेगी।

  • शादी का प्रमाण पत्र
  • पहचान-पत्र (Aadhaar, PAN, पासपोर्ट)
  • पते के प्रमाण
  • बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र
  • बैंक स्टेटमेंट, सैलरी सर्टिफिकेट या आय के प्रमाण
  • यदि कोई हिंसा या मिली-ठोकी हुई बातें हैं तो संदेश, फोटो, अस्पताल रिपोर्ट आदि

4) फ़ाइल करना: वकील के साथ परिवार न्यायालय/न्यायालय में पिटिशन दायर करेंगे। म्यूचुअल कंसेंट में आमतौर पर 6 महीने की शर्त रहती है (कभी-कभी कोर्ट इसे माफ कर देता है)। कंटेस्टेड मामलों में जांच, गवाह और सुनवाई लंबी हो सकती है।

5) मध्यस्थता और फैसले: कोर्ट अक्सर समझौता कराने की कोशिश करता है। समझौता न हो तो सबूत और गवाहों के आधार पर फैसला आएगा। कोर्ट बच्चे के सर्वोत्तम हित को पहले रखता है—कस्टडी वही मिलेगी जो बच्चे के लिए बेहतर हो।

टिप्स जो काम आएँगे: सोशल मीडिया पर निजी बातें पोस्ट न करें; सभी बातचीत और खर्च का रिकॉर्ड रखें; बच्चों के हित पर ही चर्चा रखें; वित्तीय और संपत्ति के कागजात पहले से संभाल कर रखें; और अगर हिंसा है तो तुरंत सुरक्षा के लिए पुलिस/प्रोविडेंट आदेश लें।

समय और खर्च: म्यूचुअल कंसेंट आमतौर पर कुछ महीने से एक साल तक में हो सकता है; कंटेस्टेड तलाक कई बार सालों ले लेता है। वकील की फीस, कोर्ट फीस और कई बार मध्यस्थता के खर्च होते हैं—लिखित अनुमान वकील से पूछें।

अगर आप अभी शुरू कर रहे हैं, तो पहला काम यह है कि एक भरोसेमंद परिवार वकील से बात कर लें और जरूरी दस्तावेज जमा कर लें। इससे आप स्पष्ट रहेंगे और अगले कदम सोच-समझकर उठा पाएँगे।

जयम रवि 15 साल शादी के बाद तलाक की पुष्टि करते हैं
जयम रवि तलाक तमिल अभिनेता शादी

जयम रवि 15 साल शादी के बाद तलाक की पुष्टि करते हैं

तमिल अभिनेता जयम रवि ने पुष्टि की है कि वे और उनकी पत्नी आरती 15 साल की शादी के बाद तलाक ले रहे हैं। यह खबर कई हफ्तों की अटकलों और अफवाहों के बाद आई है। जयम रवि ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से यह घोषणा की। इस दंपति ने 2009 में शादी की थी और इनके दो बेटे हैं, आरव और अयान।

सितंबर 9 2024