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IMD रेड अलर्ट: दिल्ली में यमुना का खतरा, हिमाचल में सड़कें बंद

देश के कई हिस्सों में अब मौसम का माहौल तूफानी हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले सात दिनों के लिए देश भर में 'रेड अलर्ट' जारी कर दिया है। यह चेतावनी कोई मामूली बात नहीं है; इसका सीधा मतलब है कि झारखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

यहाँ तक कि पश्चिम मानसून भी तेज होने के संकेत दे रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों में पूर्वोत्तर भारत में मानसून पुनर्जीवी हो सकता है, जबकि राजस्थान, हरियाणा और उत्तर भारत में भी इसी पैटर्न को देखा जा सकता है। लेकिन सबसे चिंताजनक स्थिति अभी पूरबी राजधानी दिल्ली में बनती दिखाई दे रही है।

दिल्ली में यमुना का बढ़ता खतरा

दिल्ली में स्थिति इतनी गंभीर है कि यमुना नदी का जल स्तर खतरे की निशानी को पार कर चुका है। IMD की रिपोर्ट के अनुसार, चेतावनी जारी किए जाने के समय यमुना का जल स्तर 205.33 मीटर की खतरे की निशानी को पार कर 205.41 मीटर पर पहुँच चुका था। अधिकारियों का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में भारी बारिश के कारण यह स्तर और भी बढ़ सकता है।

सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे यमुना के किनारों के पास जाने से बचें। भारी बारिश के कारण यमुना के आसपास के निचले इलाकों में पहले ही पानी जमा होने लगा है। इसके अलावा, गंगा नदी का जल स्तर भी खतरनाक स्तर पर है। पिछले 72 घंटों में गंगा का जल स्तर लगभग 76 सेंटीमीटर बढ़ा है और शनिवार तक इसे और बढ़ने की उम्मीद है। इसके बाद स्थिति स्थिर या थोड़ी कम होने की संभावना है। यह इस अवधि में गंगा के खतरनाक स्तर तक पहुँचने की तीसरी बार घटना है।

हिमाचल में आपदा जैसी स्थिति

हिमाचल प्रदेश में हालात इतने भयावह हैं कि वहां संचार और यातायात दोनों ठप हो गए हैं। बारिश और भूस्खलन के कारण शिमला-किन्नौर क्षेत्र में दो राष्ट्रीय राजमार्ग और 195 अन्य सड़कें बंद कर दी गई हैं। मंडी जिले में कई बार फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) आए हैं और कम से कम एक बड़ा भूस्खलन भी दर्ज हुआ है।

स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, पहाड़ी इलाकों में राहत कार्य करना बेहद कठिन हो गया है क्योंकि बारिश के साथ गिरजात और बिजली कड़कने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में सरकारें सतर्क हैं, लेकिन आम जनता को अपनी सुरक्षा के लिए सचेत रहना होगा।

दक्षिण और पूर्व भारत में बारिश का दौर

दक्षिण और पूर्व भारत में बारिश का दौर

उत्तर और पश्चिम भारत के साथ-साथ दक्षिण भारत भी इस बारिश के तांडव से बच नहीं सका। तमिलनाडु और कर्नाटक में अगले छह से सात दिनों में अच्छी बारिश की उम्मीद है। विशेष रूप से, 5 अगस्त को इन राज्यों के पहाड़ी इलाकों में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

झारखंड और बिहार में भारी बारिश का दौर 4 अगस्त तक जारी रहने की संभावना है, जबकि मध्य प्रदेश में 3 और 4 अगस्त को भारी बारिश देखी जा सकती है। सभी प्रभावित क्षेत्रों में अगले पांच दिनों तक गरज-बिजली और बारिश का सिलसिला चलने की उम्मीद है।

तापमान और हवाओं की स्थिति

तापमान और हवाओं की स्थिति

बारिश के बावजूद, कुछ क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है। दिन के समय हल्की हवाएं चलेंगी और कुछ स्थानों पर सुबह से शाम तक लगभग 9-10 घंटे धूप निकलने की संभावना है। हालांकि, IMD ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि देश भर में, विशेषकर मध्य भारत, उत्तराखंड और हरियाणा में सामान्य से अधिक बारिश होगी, जिसके लिए विशेष सतर्कता आवश्यक है।

Frequently Asked Questions

दिल्ली में यमुना नदी का जल स्तर क्यों बढ़ रहा है?

भारी बारिश और ऊपरी प्रवाह से आने वाले पानी के कारण यमुना का जल स्तर बढ़ रहा है। वर्तमान में यह 205.41 मीटर पर है, जो खतरे की निशानी 205.33 मीटर से ऊपर है। अगले 2-3 दिनों में इसे और बढ़ने की संभावना है, इसलिए किनारे के पास जाने से बचना चाहिए।

हिमाचल प्रदेश में सड़कों के बंद होने का क्या कारण है?

हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन के कारण शिमला-किन्नौर क्षेत्र में दो राष्ट्रीय राजमार्ग और 195 अन्य सड़कें बंद हैं। मंडी जिले में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की घटनाओं ने स्थिति को और खराब किया है।

तमिलनाडु और कर्नाटक में भारी बारिश कब तक रहेगी?

IMD के अनुसार, अगले 6-7 दिनों तक इन राज्यों में अच्छी बारिश जारी रहेगी। विशेष रूप से 5 अगस्त को इन राज्यों के पहाड़ी इलाकों में बहुत भारी बारिश की संभावना है, जिससे बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।

गंगा नदी के जल स्तर में क्या बदलाव आया है?

पिछले 72 घंटों में गंगा नदी का जल स्तर लगभग 76 सेंटीमीटर बढ़ा है। शनिवार तक इसे और बढ़ने की उम्मीद है। यह इस मौसम में गंगा के खतरे की निशानी को पार करने की तीसरी बार घटना है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।

आम जनता को इस मौसम में क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

जनता को निचले इलाकों में पानी जमा होने से बचना चाहिए और नदियों के किनारों के पास नहीं जाना चाहिए। गरज-बिजली के दौरान खुले मैदानों में नहीं रुकना चाहिए। IMD ने मध्य भारत, उत्तराखंड और हरियावास में विशेष सतर्कता बरतने की चेतावनी दी है।

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