उपचुनाव (by-election) वही चुनाव हैं जो मूल चुनाव के बाद किसी सीट खाली होने पर कराए जाते हैं। सवाल होगा — सीट खाली कैसे होती है? अक्सर कारण होते हैं सांसद/विधायक का निधन, इस्तीफा, अर्काफी (disqualification) या कोई दूसरा पद ग्रहण करना। खाली सीट को भरने के लिए चुनाव आयोग आरक्षित समय में वोट कराने की घोषणा कर देता है।
जब किसी विधानसभा या लोकसभा की एक या अधिक सीटें खाली हो जाती हैं तो चुनाव आयोग नोटिस जारी करता है। आयोग आमतौर पर जल्दी से तारीखें तय कर देता है ताकि प्रतिनिधित्व में कमी न हो। कई बार अगर कार्यकाल खत्म होने में बहुत कम समय बचा होता है, तो आयोग उपचुनाव न कराने का निर्णय भी ले सकता है। यह फैसला मामले दर मामले पर लिया जाता है।
उपचुनाव का राजनीतिक मतलब भी होता है। ये छोटे-स्तर पर जनता की मनोदशा पर रोशनी डालते हैं — कौनसी पार्टी लोकप्रिय है, किस मुद्दे पर वोटर परेशान हैं और अगली बड़ी चुनावी रणनीति क्या हो सकती है। कई बार उपचुनाव सरकार के लिए सीमा या बहुमत पर असर भी डाल देते हैं।
क्या आप वोटर हैं? तो ये आसान चेकलिस्ट काम आएगी:
1) वोटर लिस्ट और बूथ चेक करें — चुनाव से पहले अपने नाम और बूथ का पता ECI या nvsp पोर्टल पर चेक कर लें।
2) पहचान पत्र साथ रखें — वोट देने के लिए आधिकारिक आईडी (आधार, वोटर आईडी, पासपोर्ट आदि) जरूरी हो सकती है।
3) मतदान समय जानें — चुनाव आयोग सुबह से शाम तक अलग-अलग समय पर बूथ खोलता है। अपने इलाके के समय की जानकारी रखें।
4) इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और VVPAT — मतदान EVM से होगा और कई जगह VVPAT का प्रयोग भी होता है; मतदान प्रक्रिया सरल और सुरक्षित रहती है।
5) नकली खबरों से बचें — उपचुनाव के दौरान अफवाहें तेज़ी से फैलती हैं। आधिकारिक कहानियों के लिए चुनाव आयोग या भरोसेमंद न्यूज़ साइट देखें।
अगर उम्मीदवार बनना चाहते हैं तो नामांकन, सत्यापन और खर्च की सीमा जैसी नियमों का पालन करना पड़ता है। उम्मीदवारों को मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट माननी होती है और प्रचार के दौरान कड़ी शर्तें होती हैं।
परिणाम के दिन टीवी, चुनाव आयोग की वेबसाइट और भरोसेमंद न्यूज़ पोर्टल पर रुझान व अपडेट देखें। उपचुनाव के नतीजे अक्सर बड़ी पार्टियों के लिए संकेत होते हैं — लोकल मुद्दे और उम्मीदवार की पॉपुलैरिटी मायने रखती है।
छोटी जानकारी: उपचुनाव में हिस्सा लेकर आप लोकल प्रतिनिधित्व मजबूत करते हैं। वोट दे कर आप यह बता सकते हैं कि कौनसे मुद्दे आपके लिए अहम हैं — स्वास्थ्य, बिजली, सड़क या रोज़गार। अगली बार चुनाव आते ही इन संकेतों का असर दिखता है।
अगर आप अपडेट चाहते हैं तो मतदान की तारीख, नामांकन लिस्ट और रिजल्ट के लिए चुनाव आयोग की आधिकारिक साइट व स्थानीय समाचार साइट जरूर फॉलो करें। मतदान एक छोटा कदम है पर लोकतंत्र में बड़ा फर्क डालता है — तो अपना वोट इस्तेमाल करें।
हाल ही में हुए उपचुनावों में कांग्रेस ने अपनी जीत का उत्सव मनाया, जिसमें उन्होंने भाजपा के राजनीतिक पतन का संकेत दिया। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के INDIA गठबंधन ने 13 विधानसभा सीटों में से 10 पर जीत दर्ज की, जबकि भाजपा केवल दो सीटें ही जीत पाई। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाजपा की खराब प्रदर्शन के लिए मोदी और अमित शाह की विश्वसनीयता के क्षरण को जिम्मेदार ठहराया है।
जुलाई 14 2024