मानहानि — क्या है और आपको किस तरह समझना चाहिए

क्या किसी ने आपके बारे में झूठ बोला, सोशल मीडिया पर अपमानित किया या आपकी छवि खराब करने वाली खबर फैलाई? इन्हीं स्थितियों में शब्द ‘‘मानहानि’’ आता है। सरल भाषा में, मानहानि तब होती है जब किसी की शख्सियत, प्रतिष्ठा या व्यवसाय को झूठी या गुमराह करने वाली बातों से नुकसान पहुँचाया जाए। यह लिखित (लेखन, पोस्ट) और मौखिक दोनों रूपों में हो सकता है।

मानहानि के मामले अक्सर भावनात्मक और वित्तीय दोनों तरह के नुकसान लाते हैं। इसलिए समझना जरूरी है कि कब यह केवल आलोचना है और कब कानून के दायरे में आने वाली मानहानि।

मानहानि के सामान्य उदाहरण

कुछ आम उदाहरण जो अक्सर दिखते हैं: सोशल मीडिया पर झूठी अफवाह, किसी के व्यवसाय के खिलाफ बेबुनियाद आरोप, किसी व्यक्ति को अपराधी बताना बिना प्रमाण के, या किसी खबर में बिना जांच के हानिकारक जानकारी प्रकाशित कर देना। इनमें से कई स्थितियों में अपराध और सिविल दावे दोनों संभव होते हैं।

कानूनी रूप से भारत में मानहानि की परिभाषा और सजा दोषी से जुड़ी धाराओं में मिलती है, और साथ ही पीड़ित को नुकसान की भरपाई के लिए नागरिक मुकदमे का अधिकार भी होता है। यहां ध्यान रखने वाली बात: सच होना भी कभी-कभी बचाव नहीं देता जब वह सार्वजनिक हित के लिए नहीं है या तरीके सही नहीं हों।

अगर आपकी प्रतिष्ठा को नुकसान हुआ है तो क्या करें

पहला कदम: ठंडा दिमाग रखें और सबूत एकत्र करें। स्क्रीनशॉट, संदेश, पोस्ट की तारीख और स्रोत संभाल कर रखें। सोशल पोस्ट, कॉल रिकॉर्ड और गवाहों के नाम महत्वपूर्ण होते हैं।

दूसरा कदम: सीधे टकराव से पहले विकल्प देखें — लिखित माफी, सार्वजनिक सुधार या सटीकता के लिए अनुरोध अक्सर काम करते हैं और समय व पैसे बचाते हैं। अगर मामला गंभीर है तो वकील से सलाह लें।

तीसरा कदम: कानूनी रास्ता। आप सिविल मुकदमा कर के नुकसान की भरपाई मांग सकते हैं या आपराधिक शिकायत (प्राइवेट कम्प्लेंट) दर्ज करवा सकते हैं। अक्सर पहले नोटिस भेजकर समाधान निकलता है। वकील से केस की ताकत और संभावित परिणाम पर चर्चा ज़रूरी है।

चौथा कदम: भविष्य के लिए बचाव। ऑनलाइन पोस्ट करते समय स्रोत चेक करें, आरोप लगाने से पहले तथ्य सत्यापित करें, और सार्वजनिक टिप्पणी में संयम रखें। अपने ब्रांड या प्रोफ़ाइल को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए समय पर जवाब दें और गलत जानकारी को हटाने का अनुरोध करें।

मानहानि के मामले में तेजी से और व्यवस्थित कार्रवाई करना जरूरी है। हर कदम के साथ दस्तावेज रखें और सलाह-मशवरा लेते रहें। अगर आप स्पष्ट, ठोस सबूत और सही रणनीति साथ रखें तो अक्सर विवाद का बेहतर निपटान मिल जाता है।

दिल्ली अदालत ने यूट्यूबर ध्रुव राठी और अन्य को मानहानि मामले में किया तलब
मानहानि ध्रुव राठी बीजेपी दिल्ली अदालत

दिल्ली अदालत ने यूट्यूबर ध्रुव राठी और अन्य को मानहानि मामले में किया तलब

दिल्ली के साकेत कोर्ट ने 19 जुलाई, 2024 को यूट्यूबर ध्रुव राठी सहित अन्य को मुंबई बीजेपी नेता सुरेश करमशी नाखुआ द्वारा दायर मानहानि मामले में समन जारी किया है। नाखुआ ने आरोप लगाया है कि राठी के वीडियो ने उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है। अगली सुनवाई 6 अगस्त, 2024 को होगी।

जुलाई 25 2024