सोचिए आपके पास किसी कंपनी के 1 शेयर की कीमत ₹2,000 है और कंपनी 2:1 स्टॉक विभाजन करती है। अब आपके पास 2 शेयर होंगे, हर एक की कीमत लगभग ₹1,000 हो जाएगी। कुल निवेश का मूल्य वही रहता है, बस शेयरों की संख्या बदलती है। आसान शब्दों में, स्टॉक विभाजन कंपनी का शेयर छोटी‑छोटी हिस्सों में बांटना है ताकि कोई शेयर सस्ता और खरीदने में आसान लगे।
मुख्य रूप से दो तरह होते हैं — फॉरवर्ड स्प्लिट (जैसे 2:1, 5:1) और रिवर्स स्प्लिट (कॉनसोलिडेशन, जैसे 1:5)। फॉरवर्ड स्प्लिट से शेयर सस्ता होता है और लिक्विडिटी बढ़ती है। रिवर्स स्प्लिट में शेयरों की संख्या घटती है और प्राइस बढ़ता है, अक्सर तब किया जाता है जब कंपनी की कीमत बहुत कम हो और उसे बॉर्डिंग स्थिति में सुधार चाहिए।
बोनस शेयर और स्टॉक स्प्लिट अक्सर भ्रम पैदा करते हैं। फर्क यह है: बोनस शेयर में कंपनी मुनाफे या रिजर्व से फ्री शेयर देती है — निवेशक की होल्डिंग बढ़ती है और शेयर कैपिटल बढ़ता है। स्टॉक स्प्लिट सिर्फ शेयर के डिवाइड करके कीमत कम करता है, कंपनी के रिज़र्व पर असर नहीं पड़ता। उदाहरण के लिए हमारे साइट के लेख में BSE के शेयरों में 7% उछाल पर कंपनी ने 2:1 बोनस दिया — वह बोनस का मामला था, न कि केवल स्प्लिट।
स्टॉक स्प्लिट से कंपनी का मार्केट कैप जगह नहीं बदलता। पर इससे छोटी निवेशकों की पहुंच बढ़ती है और ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ सकता है। फिर भी, स्प्लिट खुद कंपनी के फंडामेंटल नहीं बदलता। इसलिए सवाल यह है: क्या कंपनी के बिजनेस और ग्रोथ क्वालिटी मजबूत है? सिर्फ स्प्लिट देखकर खरीदना जोखिम भरा हो सकता है।
कुछ प्रैक्टिकल टिप्स:
हमारी साइट के केस स्टडीज में Bajaj Housing Finance के शेयर लॉक‑इन खत्म होते ही 4% चढ़ गए — ऐसे कॉर्पोरेट कदम और कॉर्पस एक्टिविटी बाजार की प्रतिक्रिया दिखाती है। स्टॉक स्प्लिट से अक्सर शॉर्ट‑टर्म में उत्साह आता है, पर दीर्घकालिक लाभ कंपनी की सड़ांध पर निर्भर करता है।
अंत में, स्प्लिट एक तकनीकी कॉर्पोरेट कदम है जो शेयर को अधिक किफायती बनाता है। क्या आप इसे खरीदारी का संकेत मानेंगे? पहले कंपनी की हालत और राइजन्स जान लें, फिर फैसला लें।
एक मजबूत वित्तीय स्थिति वाली कंपनी का स्टॉक 7% गिर गया है, बावजूद इसके कि उसने शुद्ध लाभ में 25% YoY वृद्धि दर्ज की है। कंपनी ने स्टॉक विभाजन की भी घोषणा की है। इस असंगति ने बाजार की भावना और निवेशकों की अपेक्षाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जुलाई 31 2024