क्या भाजपा कोई बड़ा ऐलान करने वाली है? ऐसा सवाल अक्सर सामने आता है जब केंद्रीय नेता बड़े बयानों के साथ दिखते हैं। उदाहरण के लिए हाल ही में अमित शाह के जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा लौटाने वाले संकेत ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया। ऐसी खबरें सिर्फ हेडलाइन नहीं रहतीं—इनका असर संसद, राज्य राजनीति और आम लोगों पर भी पड़ता है।
इस टैग पेज पर उन खबरों की कड़ी मिलेगी जो सीधे या परोक्ष रूप से भाजपा से जुड़ी हैं: केंद्रीय मंत्रियों के बयान, केंद्र की नीतियां, चुनावी रणनीतियाँ और सुरक्षा से जुड़े कदम। उदाहरण के तौर पर अमित शाह के जम्मू-कश्मीर ऐलान, केंद्र सरकार के आर्थिक फैसले, या अंतरराष्ट्रीय समझौतों पर मोदी नेतृत्व के बयान—सब कुछ एक जगह मिल जाएगा।
हमारी रिपोर्टिंग का तरीका साधा है: खबर दें, संदर्भ बताएं और फैसले का असर बताएं। मान लीजिए कि संसद में किसी प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है—यहां पढ़ते ही आपको पता चलेगा कि प्रस्ताव का मतलब आम लोगों के लिए क्या होगा, राज्य-संघ के रिश्ते पर क्या असर पड़ेगा और अगला कदम क्या हो सकता है।
कुछ खबरें तुरंत बदलाव लाती हैं, कुछ लंबी प्रक्रिया की शुरुआत होती हैं। उदाहरण के लिए जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देने जैसा मामला—यह केवल केंद्रीय घोषणा नहीं है; संसद और राष्ट्रपति की मंजूरी भी जरूरी होगी। ऐसे में हमारे अपडेट पढ़ने पर आपको यह भी मिलेगा कि किन कानूनी और राजनीतिक चरणों से गुजरना होगा।
अगर आप चुनावी रुझान जानना चाहते हैं तो यहाँ पार्टी की रीति-नीति, चुनावी गढ़ों की बदलती तस्वीर और स्थानीय मुद्दों की रिपोर्ट मिलेंगी। आर्थिक फैसलों पर हमारी कवरेज में आप देखेंगे कि नीतियों का शेयर बाजार, निवेश और रोज़गार पर क्या असर पड़ रहा है—जैसे किसी वित्तीय कंपनी के बोनस या बाजार की प्रतिक्रिया।
हम फैक्ट-चेक करते हैं और भ्रम फैलाने वाली दावों को अलग दिखाते हैं। अगर कोई बयान विवादित हो, तो उसके पीछे के दस्तावेज़, बहस और विरोध पक्ष की बात भी आप पढ़ेंगे। इससे आप खबर को सिर्फ पढ़ने तक सीमित न रखकर समझकर निर्णय ले सकेंगे।
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झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने आगामी विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण कर ली है। सोरेन, जो झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक शिबू सोरेन के करीबी माने जाते थे, ने 28 अगस्त 2024 को झामुमो छोड़ दिया था। उन्होंने 30 अगस्त को रांची में भाजपा की सदस्यता ली।
अगस्त 31 2024हाल ही में हुए उपचुनावों में कांग्रेस ने अपनी जीत का उत्सव मनाया, जिसमें उन्होंने भाजपा के राजनीतिक पतन का संकेत दिया। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के INDIA गठबंधन ने 13 विधानसभा सीटों में से 10 पर जीत दर्ज की, जबकि भाजपा केवल दो सीटें ही जीत पाई। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाजपा की खराब प्रदर्शन के लिए मोदी और अमित शाह की विश्वसनीयता के क्षरण को जिम्मेदार ठहराया है।
जुलाई 14 20242024 के दिल्ली लोकसभा चुनाव में भाजपा ने सभी सात सीटों पर बढ़त हासिल की है। चुनाव में 57.67% मतदान हुआ और कुल 1,47,18,119 मतदाताओं ने अपने अधिकार का प्रयोग किया। भाजपा ने सभी सात सीटों पर अकेले चुनाव लड़ा जबकि आप और कांग्रेस ने गठबंधन में चार और तीन सीटों पर चुनाव लड़ा।
जून 5 2024