GMP का मतलब है Good Manufacturing Practice, यानी सही तरीके से उत्पाद बनाने के नियम। खासकर दवाइयों, फूड और कॉस्मेटिक्स में GMP से ही सुरक्षा और गुणवत्ता पक्की होती है। क्या आप बिजनेस चला रहे हैं या कोई प्रोडक्ट खरीदने वाले हैं — दोनों के लिए GMP समझना फायदेमंद है।
GMP सिर्फ साफ-सफाई का नाम नहीं है। इसमें सही दस्तावेज, स्टाफ ट्रेनिंग, प्रोसेस मानकीकरण, इन्वेंट्री कंट्रोल और क्वालिटी टेस्टिंग शामिल होती है। भारत में दवाइयों के लिए Schedule M और नियंत्रण के लिए CDSCO जैसे संस्थान हैं, जबकि फूड के लिए FSSAI नियम तय करता है। WHO-GMP अंतरराष्ट्रीय मानक है, जो एक्सपोर्ट के समय जरूरी हो सकता है।
लाभ सीधे दिखते हैं: कम रीकॉल, ग्राहक का भरोसा, निर्यात के नए मौके और नियमों से संबंधित दंड से बचाव। उपभोक्ता के नजरिए से GMP मतलब सुरक्षित, सही लेबल और भरोसेमंद ब्रांड।
यहां ऐसे सीधा और काम का प्लान दिया है जिसे छोटे-मध्यम उद्योग भी अपनाकर GMP पर उतर सकते हैं:
इन कदमों से आप WHO-GMP या स्थानीय रेगुलेटरी मानकों के करीब पहुंचेंगे। आप चाहें तो शुरुआत में कंसल्टेंट से भी ऑडिट करवा सकते हैं।
उपभोक्ता के तौर पर क्या जांचें? पैकेट पर मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस नंबर, बैच नंबर, MRP, मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट, निर्माता का पता और सील की स्थिति चेक करें। दवाइयों में CDSCO या WHO-GMP का जिक्र मिलने पर भरोसा बढ़ता है।
अगर आप बिजनेस चला रहे हैं तो छोटी-छोटी चीजें जैसे प्रशिक्षित स्टाफ, साफ रिकॉर्ड और नियमित परीक्षण ही सबसे बड़ा फर्क बनाते हैं। GMP को सिर्फ नियम न समझें, यह आपका ब्रांड और कस्टमर से रिश्ता मजबूत करने का तरीका है।
भारत समाचार पिन पर GMP से जुड़े अपडेट और नियमों की ताजा खबरें पाते रहे। अगर आप चाहें, हम GMP के किसी खास हिस्से पर डीटेल गाइड भी बना सकते हैं — बताइए किस सेक्टर के लिए चाहिए।
गो डिजिट IPO के रिटेल पोर्शन को निवेशकों द्वारा पूरी तरह से सब्सक्राइब किया गया है। पहले दिन शाम 4:10 बजे तक ओवरऑल इश्यू 29% सब्सक्राइब हुआ। कंपनी ने एंकर निवेशकों से 1,176 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्राप्त किया है।
मई 15 2024