कर रियायतें — क्या, कौन और कैसे?

टैक्स कम करना हर किसी की चाहत है, लेकिन कानून के अंदर रहकर ही। क्या आपके पास सही जानकारी और दस्तावेज हैं ताकि आप जो छूट मिलने वाली है, वो मिल सके? यहाँ आसान भाषा में बताने जा रहा हूँ कि मुख्य रियायतें कौन‑सी हैं और उन्हें कैसे क्लेम करें।

मुख्य कर रियायतें और उनका असर

सबसे ज्यादा लोग 80C से जुड़ी छूट जानते होंगे — PPF, EPF, ELSS, जीवन बीमा, छात्रा की फीस और होम लोन का प्रिंसिपल हिस्सा। 80C की सीमा आमतौर पर उपयोगी बचत देता है।

दूसरी महत्वपूर्ण रियायतें: 80D (हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम), 80E (एजुकेशन लोन का इंटरेस्ट), 80TTA/80TTB (बैंकों पर मिलने वाले ब्याज पर छूट, वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहतर लिमिट)।

सैलरी लेने वालों के लिए HRA एक बड़ा विकल्प है — अगर आप किराये पर रहते हैं तो रेंट रसीद, किराए का एग्रीमेंट और स्पैरिंग इनकम के दस्तावेज से HRA क्लेम कर सकते हैं। वैसे ही होम लोन पर ब्याज की छूट सेक्शन 24 के तहत मिलती है (स्व-निवास के लिए सीमा लागू)।

कैपिटल गेन में बचत के तरीके भी हैं: सेक्शन 54/54F (प्रापर्टी बेचकर नई खरीदने पर), 54EC (बोंड में निवेश कर कैपिटल गेन टालना)। जीवन बीमा पॉलिसी के मुनाफे पर 10(10D) के तहत छूट मिलती है। और हाँ, कृषि आय सामान्यतः टैक्स-फ्री मानी जाती है अगर उसकी सीमा लागू हो।

कदम-दर-कदम: कर रियायत क्लेम करने का तरीका

पहला कदम: निवेश और खर्च की सही योजना बनाइए। 80C और 80D जैसे विकल्पों को साल की शुरुआत में ही फाइनल कर लें ताकि साल भर मानसिक दबाव न रहे।

दूसरा कदम: जरूरी दस्तावेज जमा रखें — निवेश रसीदें, बीमा प्रीमियम, मेडिकल बिल, होम लोन सर्टिफिकेट, किराया रसीद/एग्रीमेंट, कैपिटल गेन के लिए सेल‑डीड और खरीद के दस्तावेज।

तीसरा कदम: Form 16, Form 26AS और सालाना स्टेटमेंट चेक करें। TDS सही कट रहा है या नहीं यह पहले देख लें। ITR भरते समय सही स्लैब व दावों के साथ रियायतें भरें और ई-फाइल कर दें।

चौथा कदम: छोटे बिजनेस में होने पर प्रतिशत आधार पर presumptive scheme (44AD/44ADA) देखें — इससे कंप्लायंस और टैक्स बोझ दोनों कम हो सकते हैं।

अंतिम टिप: जाल से बचें — कोई भी ऐसा दावा मत करें जो सच न हो। छोटे सवालों के लिए CA से सलाह लें। क्या आप तुरंत बचत दिखाना चाहते हैं? अभी साल भर के खर्च और निवेश के बिल जोड़कर एक सूची बनाइए — यही सबसे सरल शुरुआत है।

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जुलाई 2 2024