गर्मी की लहर तेजी से आ सकती है। दिल्ली और राजस्थान जैसे हिस्सों में तापमान 40°C से ऊपर जा चुका है, इसलिए तैयार रहना जरूरी है। लू से पहले, दौरान और बाद में क्या करें — यह पढ़कर आप और आपका परिवार सुरक्षित रह सकता है।
लक्षण जल्दी समझ लें: तेज़ पसीना बंद होना, सिरदर्द, चक्कर, उल्टी, तेज़ दिल की धड़कन, भ्रम या बेहोशी। अगर किसी का पसीना अचानक बंद हो और त्वचा गर्म व सूखी लगे—यह हीटस्ट्रोक का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत ठंडी जगह पर ले जाएं, कपड़े ढीले करें, ठंडा पानी या गीला कपड़ा रखें और 108 या नज़दीकी चिकित्सालय को कॉल करें।
हेल्पफुल पहला कदम: प्रभावित व्यक्ति को छाँव में लाकर पंखा/एसी के पास रखें, ठंडा पानी पिलाएँ (अगर चेतना ठीक हो), बर्फ या ठंडे पैक्स गर्दन और कलाई पर रखें। बेहोशी या उल्टी होने पर पानी देने से पहले डॉक्टर से बात करें।
हाइड्रेशन सबसे अहम है। रोजाना पानी नियमित रूप से पिएं—बड़ी मात्रा एक साथ न लें। इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक्स या हल्का नमक और चीनी मिलाकर घरेलू ORS बनाकर पीना काम आता है। कैफीन और अल्कोहल से बचें, क्योंकि ये शरीर से पानी निकालते हैं।
कपड़े: हल्के रंग, ढीले और सूती कपड़े पहनें। बाहर निकलते समय टोपी और धूप से बचाने वाले चश्मे का उपयोग करें। सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बेवजह बाहर न निकलें। अगर काम करना ही हो, तो हर 30-45 मिनट में ब्रेक लें और ठंडी जगह पर बैठें।
घर को ठंडा रखें: खिड़कियाँ शाम-सुबह खुली रखें ताकि क्रॉस-वेंटिलेशन हो। दिन में पर्दे बंद रखें ताकि धूप अंदर न आये। पंखे के आगे गीला कपड़ा रखकर ठंडी हवा मिलती है। एयर कंडीशनर पर तापमान 24-26°C रखें—बहुत ठंडा करने से भी स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
बच्चे, बुजुर्ग और पालतू जानवर विशेष रूप से संवेदनशील होते हैं। कभी भी बच्चे या पालतू को बंद कार में अकेला न छोड़ें। बुजुर्गों की दवाइयों और खाने-पीने पर खास नज़र रखें।
बाहर खाने-पीने का ध्यान रखें: पक्का और ताज़ा भोजन खाएँ। खराब हुआ अन्न पेट की बीमारी कर सकता है, जो गर्मी में जल्दी बढ़ता है। यात्रा के समय पानी की बोतल और छोटे स्नैक्स साथ रखें।
अगर गर्मी की लहर के दौरान बेशक काम करना पड़े, तो सहकर्मियों की निगरानी रखें—लक्षण दिखते ही मदद दें। स्थानीय मौसम चेतावनियों पर ध्यान दें और ज़रूरत पड़े तो योजनाएं बदल लें।
लू से बचना मुश्किल नहीं—थोड़ी सतर्कता और सही कदम बड़ी राहत दे सकते हैं। जल्दी पहचानें, समय पर मदद करें और घर-बाहर साधारण सावधानियाँ अपनाएँ।
उत्तर भारत में जून का महीना तपिश और उमस भरा रहेगा। यूपी, बिहार, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में लू और तेज गर्मी की चेतावनी बनी हुई है। मानसून की देरी ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। महाराष्ट्र और कोंकण में भारी बारिश मिल सकती है, मगर उत्तर में सूखा ही रहेगा।
जून 18 2025