निफ्टी नेक्स्ट 50 एक स्टॉक इंडेक्स है जो Nifty 50 के बाद की 50 सबसे बड़ी कंपनियों को सम्मिलित करता है। आसान भाषा में कहें तो यह उन कंपनियों का समूह है जो जल्द ही बड़े कैप में शामिल हो सकती हैं। अगर आप सिर्फ बड़े-बड़े ब्रांड के अलावा अगले बढ़ने वाले विकल्प ढूंढना चाहते हैं, तो यह इंडेक्स काम आ सकता है।
यह इंडेक्स कंपनियों के मार्केट कैप के आधार पर चुना जाता है। हर कुछ महीनों में रिव्यू होता है और नए-नए कंपनियाँ जोड़ना या हटाना किया जाता है। इसलिए इंडेक्स अपने आप बदलता रहता है — जो अच्छा है क्योंकि यह बाजार की नई ताकतों को पकड़ता है।
ध्यान रखें: निफ्टी नेक्स्ट 50 में कंपनियाँ सामान्यतः Nifty 50 की तुलना में छोटी होंगी, इसलिए उतार-चढ़ाव ज्यादा होते हैं। यानी रिटर्न अच्छा भी हो सकता है और जोखिम भी।
कैसे निवेश करें? सीधे-सीधे स्टॉक्स खरीद सकते हैं, लेकिन ज्यादातर लोग ETFs या index-mirroring म्यूचुअल फंड चुनते हैं। ये साधन इंडेक्स को ट्रैक करते हैं, इसलिए आपको अलग-अलग 50 कंपनियों के चयन की टेंशन नहीं रहती।
SIP के जरिए छोटे-छोटे निवेश करने से मार्केट वोलैटिलिटी का असर कम हो सकता है। एक और तरीका है—कोर-सैटेलाइट: अपने पोर्टफोलियो का कोर किसी बड़े-बड़े इंडेक्स फंड में रखें और छोटे हिस्से को निफ्टी नेक्स्ट 50 जैसे विकल्पों में रखें।
ETF चुनते समय चार बातों पर ध्यान दें: ट्रैकिंग एरर (कितना सही इंडेक्स फॉलो कर रहा है), एक्सपेंस रेशियो (खर्च), लिक्विडिटी (खरीद-बिक्री आसान है या नहीं), और टॉप होल्डिंग्स। ये चीजें रिटर्न और जोखिम दोनों को प्रभावित करती हैं।
किसका समय है निफ्टी नेक्स्ट 50 में निवेश करने का? जब मार्केट में बढ़ोतरी की उम्मीद हो और निवेशक हाई ग्रोथ के लिए तैयार हों। अगर आप कम जोखिम चाहते हैं या जल्द पैसों की जरूरत है, तो यह विकल्प उतना उपयुक्त नहीं होगा।
रिस्क मैनेजमेंट जरूरी है: हर निवेश का साइज सीमित रखें, समय-समय पर रिव्यू करें और जरूरत पड़ने पर रिबैलेंस करें। इससे अचानक गिरावट में नुकसान कम होगा।
ट्रैक कैसे करें? NSE की साइट पर इंडेक्स डेटा देखें, ETF और इंडेक्स फंड के होल्डिंग रिपोर्ट पढ़ें। रोज़ाना के अपडेट और क्वार्टरली रिव्यू आपको बताएंगे कि कौन सी कंपनियाँ आगे बढ़ रही हैं।
अंत में एक छोटा सा सुझाव: निफ्टी नेक्स्ट 50 अच्छा टूल है अगर आप अगले बड़े शेयर खोजने की सोच रहे हैं, लेकिन इसे अपने रिस्क प्रोफाइल और लक्ष्य के साथ मिलाकर ही इस्तेमाल करें। बाजार में सब कुछ बदल सकता है, इसलिए जानकारी पर ध्यान दें और अनुशासन बनाए रखें।
Bajaj Housing Finance के 529 करोड़ शेयर लॉक-इन अवधि समाप्त होते ही बाजार में ट्रेड होने लगे, जिससे शेयरों में 4% उछाल आया. कंपनी की अप्रैल 2025 में घोषित तिमाही रिपोर्ट में 26% AUM ग्रोथ और 14,250 करोड़ रुपए के रिकॉर्ड लोन डिस्बर्समेंट का भी असर शेयर पर पड़ा है.
अप्रैल 30 2025