एक वोट छोटा दिखता है, पर असर बड़ा होता है। चुनावों में कितनी बड़ी बात तय होती है, ये अक्सर आखिरी वोट तक भी जाता है। अगर आप नए मतदाता हैं या भूल जाते हैं कि मतदान पर क्या करना है, तो यह पेज आपको सीधा, साफ और उपयोगी तरीका बताएगा ताकि आप निर्भय और सही तरीके से मतदान कर सकें।
पहला कदम है मतदाता सूची में नाम होना। EPIC (वोटर आईडी) बनवा लें या NVSP/वोटर हेल्पलाइन ऐप से अपनी डिटेल चेक करें। मतदान के दिन अपने साथ फोटो वाली वैध पहचान-पत्र रखें — वोटर आईडी, आधार, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट चलेगा।
मतदान स्थल पर पहुँचने पर आयोग का स्टाफ आपकी पहचान और नाम मिलान करेगा। आपको इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) या बैलेट पेपर दिया जाएगा। EVM में आपके पसंदीदा प्रत्याशी के पास स्थित बटन दबाइए और उसकी रसीद/पुष्टिकरण लें। VVPAT का पेपर प्रिंट भी देखना जरूरी होता है — यदि मशीन पर विकल्प हो तो।
1) पहले मतदान केंद्र का समय और लोकेशन चेक कर लें। लंबे इंतज़ार से बचने के लिए सुबह जल्दी या शाम को कम भीड़ वाले समय जाएँ।
2) कोई गुमराह करने वाला प्रचार या दबाव दिखे तो पोलिंग अधिकारियों को बताइए। मतदान स्वतंत्र और गोपनीय होना चाहिए — आप किसी के प्रभाव में वोट न दें।
3) अगर आप किसी कारण से वोट नहीं दे पाएँ तो पोस्टल बैलेट या अप्रात्यक्ष (proxy) व्यवस्था केवल पात्रताओं के अनुरूप ही होती है—उसकी जानकारी पहले से देख लें।
4) वोट डालते समय मोबाइल फोन का उपयोग, सेल्फी या कैमरा लेकर अंदर जाना कई केंद्रों में मना होता है। नियमों का पालन करें ताकि आपका वोट वैध रहे।
अगर कहीं समस्या आती है — नाम न मिलना, डुप्लीकेट रजिस्ट्री या फोटो में गड़बड़ी — तो मतदान से पहले स्थानीय मतदाता सहायता केंद्र या निर्वाचन आयोग की हेल्पलाइन पर संपर्क करें। ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप से नाम जोड़ना, बदलाव या शिकायत दर्ज कराना आसान हो चुका है।
मतदान सिर्फ सुविधा नहीं, जिम्मेदारी भी है। किसी भी चुनाव में सूचना परख कर, प्रत्याशियों के वादों और रिकॉर्ड देखकर वोट दें। क्या उनका ट्रैक रिकॉर्ड आपके क्षेत्र की समस्याओं जैसे सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य पर ठीक रहा है? ऐसे सवाल पूछें और उसी हिसाब से निर्णय लें।
अंत में — वोट न देना कोई हल नहीं है। बहस करनी है तो वोट के माध्यम से कीजिए। अपने वार्ड, जिले और देश के भविष्य पर असर डालने का मौका हर चुनाव में आता है। अगली बार जब चुनाव हो तो जाओ, अपने वोट का इस्तेमाल करो और अपने फैसले के लिए जिम्मेदार बनो।
शनिवार सुबह से 58 संसदीय क्षेत्रों में वोटिंग हुई, जो छह राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में फैले हैं। यह चरण महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें देश का एक महत्वपूर्ण हिस्सा शामिल है, जहां मतदाता इन महत्वपूर्ण सीटों पर प्रत्याशियों के भविष्य का फैसला करेंगे।
मई 26 2024